Republic Day 2021 – 26 जनवरी 72 वां गणतंत्र दिवस की पूर्ण जानकारी | 26th January 72nd Republic Day in Hindi

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हर वर्ष 26 जनवरी के दिन मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस भारत का एक सबसे बड़ा सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र राष्ट्रीय त्यौहार है। सारा देश आनंद और उल्लास से भर कर इस राष्ट्रीय पर्व को एक साथ मनाया करता है।

26 जनवरी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः- 26th January Historical Background

26th January 72nd Republic Day
26th January 72nd Republic Day in Hindi

गणतंत्र दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है, जिससे सभी भीरतीय हर्षोल्लास से मनाते हैं। हमारा देश सदियों की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ और 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का अपना संविधान (Constitution) लागू हुआ। इसी दिन हमारे प्रथम राष्ट्रपति ने कार्यभार संभाला और भारत गणराज्य (Republic of India) घोषित किया गया। वास्तव में 26 जनवरी 1929 ई. से ही हम अपना गणतंत्र दिवस प्रतिवर्ष मना रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में 26 जनवरी 1929 ई. को लाहौर में रावी नदी के तट पर कांग्रेस का महाधिवेशन आयोजित हुआ था

महाधिवेशन में पंडित नेहरू ने घोषणा की थीः- Pandit Nehru announced at the plenary

महाधिवेशन में पंडित नेहरू ने घोषणा की थी कि यदि ब्रिटिश सरकार औपनिवेशक स्वराज्य देना चाहे तो 31 जनवरी 1930 से इसे लागू होने की स्पष्ट घोषणा करें अन्यथा 1 फरवरी से हमारी मांग पूर्ण स्वतंत्रता की होगी। ब्रिटिश सरकार (British Government) ने पंडित जवाहरलाल नेहरु की इस बात पर ध्यान नहीं दिया। इसीलिए 26 जनवरी 1930 को संपूर्ण देश में राष्ट्रीय ध्वज लेकर जुलूस निकाले गए और सभाएं आयोजित की गई। उसके बाद से हम प्रतिवर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते रहे और संपूर्ण स्वराज्य के लिए प्रयत्न करते रहे। यही है 26 जनवरी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि। इसी घटना की स्मृति को बनाए रखने के लिए हमारा नया संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया और भारत को प्रभुत्व – संपन्न गणराज्य घोषित किया गया।

26 जनवरी पर्व का महत्वः- Importance of 26th January

इस पर्व का महत्व मुख्य रूप से यह माना जाता हैः-

  • 26 जनवरी के दिन देश का अपना संविधान (Constitution) लागू हुआ था, जिसमें देश को गणतंत्र घोषित किया गया था।
  • 26 जनवरी के दिन अंग्रेजों के अंतिम शासक यानी वायसराय (Viceroy) को हरा कर उसके स्थान पर भारतीय राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च घोषित किया गया था।
  • 26 जनवरी और गणतंत्र दिवस इसी कारण एक दूसरे के पर्यायवाची बन चुके हैं।

26 जनवरी के दिन प्रातः मुख्य समारोह आरंभः- The main ceremony starts in the morning on 26th January

 यह पर्व देश-विदेश सभी जगह मनाया जाकर भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा प्रकट की जाती है, पर राष्ट्रपति का निवास राजधानी दिल्ली में होने के कारण यहां इसका आयोजन विशाल और भव्य स्तर पर किया जाता है। सुबह मुख्य समारोह आरंभ होने से पहले प्रधानमंत्री ‘अमर जवान ज्योति ‘ पर जाकर तीनों सेनाओं के अध्यक्षों के साथ श्रध्दांजलि भेंट करते हैं। मुख्य समारोह राष्ट्रपति भवन के सामने विजय चौक पर राष्ट्रपति के सलामी लेने से आरंभ होता है। यह सैनिकों, पुलिस, अन्य सैन्य बलों, छात्र – बलों, सांस्कृतिक झांकियों और दलों की परेड राष्ट्रपति भवन से चलकर लाल किले पर पहुंचती है। राष्ट्रपति सबसे पहले तिरंगा झंडा फहराते है, जिसके साथ ऱाष्ट्रगीत की धुनें बजाई जाती हैं। इसी बीच 31 तोपों की सलामी दी जाती है। जैसे–जैसे भारत वैज्ञानिक, औद्दोगिक क्षेत्र में प्रगति करता जाएगा, वैसे-वैसे हमारा गणतंत्र दिवस समारोह भव्य से भव्यतर होता जाएगा। 

26 जनवरी का पवित्र संदेश हैः- The message of 26th January

  • राष्ट्र और राष्ट्रीय जन की उन्नति तथा विकास के लिए हर प्रकार के समर्पण राष्ट्रीय एकता बनाए रखना।
  • हमारा राष्ट्र और हम सब एक हैं
  • स्वतंत्रता सत्ता के रक्षा के लिए हम बड़े – से बड़ा त्याग और बलिदान करने के लिए तैयार है। यह इस दिन के पवित्र संदेश है।

General FAQs:

हमारा नया संविधान कब लागू किया गया?

हमारा नया संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।

26 जनवरी के दिन प्रधानमंत्री क्या करते है?

26 जनवरी के दिन प्रधानमंत्री ‘अमर जवान ज्योति ‘ पर जाकर तीनों सेनाओं के अध्यक्षों के साथ श्रध्दांजलि भेंट करते हैं।

26 जनवरी के दिन राष्ट्रपति क्या करते है?

राष्ट्रपति सबसे पहले तिरंगे झंडे को सलामी देते है,  फिर तिरंगा झंडा फहराते है,  जिसके साथ ऱाष्ट्रगीत की धुनें बजाई जाती हैं।   


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