26th January 2020 71th Republic Day Speech in Hindi

26 जनवरी 1950 : नया संविधान लागू “गणतंत्र दिवस” 26th JANUARY 1950: NEW CONSTITUTION IN FORES "REPUBLIC DAY"

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26th  January 2020 71th Republic Day Speech in Hindi – भारत के स्वतंत्र हो जाने के बाद 26 जनवरी 1950 को नया संविधान लागू हो गया। यह वह समय था जब ब्रिटिश सरकार British Government इस देश की सत्ता भारतीयों को सौंपने के बारे में सोच रही थी।

26 जनवरी का दिन हमारे राष्ट्र का जन्मदिन है। 26 जनवरी सन 1950 की भारत वैधानिक रूप से संपूर्ण  प्रभुत्वसम्पन्न (Full Domination) राष्ट्र के रूप में प्रकट हुआ था।

15 अगस्त 1947 को भारत विदेशी शासन से मुक्त हुआ था। उस समय तक उसका कोई संविधान नहीं था। 26 जनवरी 1950 तक समस्त औपचारिकताएं (Formalities) पूरी हो गई थी और उस दिन इसने विदेशी शासन (Foreign rule) के अंतिम चिन्ह को भी दूर हटा दिया था।

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गणतंत्र दिवस का महत्व IMPORTANCE  OF REPUBLIC DAY

26th January 2020 71th Republic Day Speech in Hindi
26th January 2020 71th Republic Day Speech in Hindi

हम 26 जनवरी का दिन हंसी – खुशी खेलकूद के साथ मनाते हैं। आज के दिन हम एकत्र होते हैं और अपने राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) तिरंगे को फहराते है।

26 जनवरी 1950 को भारत एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य (Sovereign Democratic Republic) घोषित किया गया था। 26 जनवरी को प्रधानमंत्री के उदबोधन के अवसर पर तीनों सेनाओं, थल सेना, जल सेना और वायु सेना के जवान अपने शौर्य और कौशल का प्रदर्शन करते हैं। राष्ट्रपति प्रदर्शन स्थल तक जाते हैं।आज के दिन परेड के मैदान में भारतीय सेना अपने श्रेष्ठ घातक हथियारों का भी प्रदर्शन करती है।

आज के दिन खेल-कूद का आयोजन किया जाता हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural events) का भी आयोजन किया जाता है। मिठाइयां बांटी जाती है। स्कूल, कालेजों, सरकारी इमारतों पर झंडे फहराए जाते हैं। कुछ लोग निजी भवनों व इमारतों पर भी झण्डे फहराते हैं।

पंडित नेहरू की अध्यक्षता 

सन 1929 में इंडियन नेशनल कांग्रेस (Indian National Congress) का वार्षिक अधिवेशन लाहौर में आयोजित हुआ और युवा नेता पंडित जवाहरलाल नेहरू उसके अध्यक्ष निर्वाचित (President Elected) हुए थे। पंडित नेहरू की अध्यक्षता में 26 जनवरी, सन 1929  के दिन रावी नदी के किनारे पूर्ण स्वतंत्रता की मांग पर प्रस्ताव पारित हुआ और उसके बाद ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष का लक्ष्य भारत के लिए पूर्ण स्वतंत्रता की प्राप्ति हो गया। संपूर्ण देश ने पूरे उत्साह के साथ इस प्रस्ताव का स्वागत किया उसी दिन से 26 जनवरी भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया। सन 1950 में इसी दिन यानी 26 जनवरी को संवैधानिक रूप से हमने विश्व को बता दिया कि भारत एक पूर्ण  प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य है। इसी दिन भारत ने एक संपूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त किया। यह दिन हमको मानव अधिकारों (Human rights) का संदेश प्रदान करता है और लोकमान्य  बाल गंगाधर तिलक के इन अमर शब्दों का स्मरण करता है:

“स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है Swaraj is our birthright

 हमारा कर्तव्य OUR DUTY

हमें उन व्यक्तियों को- पुरुषों, नारियो, बच्चों को कृतज्ञता पूर्वक (Gratefully) याद करना चाहिए जिन्होंने अवसर  उपलब्ध कराने के लिए अपना रक्त दिया था। वह बार-बार यही आवाज लगाया करते थे –

“सुख जाए ना यह पौधा आजादी का, खून से अपने  इसलिए  तर करते हैं।”

26 जनवरी का दिन वस्तुतः आत्मनिरीक्षण (Self inspection) का अवसर है। हमको विचार करना चाहिए कि हमारे कर्णधारों ने संविधान बनाते समय जो सपना देखा था उसको हम कहां तक साकार कर सकते हैं।

आज के दिन हम को शपथ लेनी चाहिए कि 26 जनवरी 1950 में लागू होने वाले संविधान का पालन हम पूरी निष्ठा से करेंगे। संविधान का निर्वाह (Subsistence) ही हमारी प्रभुसत्ता (Sovereign authority) है। संविधान और उसके द्वारा दी हुई स्वतंत्रता की रक्षा करना हमारा परम धर्म है। जिस देश के निवासी ऐसा नहीं करते हैं वह देश स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में जीवित नहीं रह सकता है। कहा भी है –

सतत जागरूकता द्वारा ही स्वतंत्रता की रक्षा संभव है | Eternal vigilance is the price of freedom.

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