UPSC Prelims Previous 10 Years (2007 To 2017) Indian History GK Questions Paper With Answers in Hindi PDF Download

UPSC Indian History Questions and Answers in Hindi PDF Download

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UPSC Prelims Previous 10 Years (2007 To 2017) Indian History GK Questions Paper With Answers in Hindi PDF Download – दोस्तों आज SarkariExamHelp आप सभी छात्रों के समक्ष “UPSC/IAS Indian History GK Questions With Answers in Hindi PDF” शेयर कर रहा है. जो छात्र UPSC, IAS या अन्य Civil Services Exam की तैयारी कर रहे है, तो उन्हें यह UPSC Prelims Previous 10 Years Indian History GK Questions With Answers का लेख अवश्य पढ़ना चाहिए।

इस लेख के माध्यम से हमने UPSC Exam में पिछले 10 सालों (2007 To 2017) का भारतीय इतिहास Indian History (प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनकि भारत का इतिहास) से संबंधित प्रश्नो का व्याख्या सहित (With Explanation) उत्तर संकलन प्रस्तुत किया है। आप इस Last 10 years UPSC Indian History Question with Answers PDF को नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से Free PDF Download कर सकते है।

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UPSC Prelims Indian History GK Questions With Answers in Hindi

UPSC Prelims Previous 10 Years (2007 To 2017) Indian History GK Questions Paper With Answers in Hindi PDF Download
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1. निम्नलिखित किलों में से ब्रिटिश ने किसका सबसे पहले निर्माण किया? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2007)

(A) फोर्ट विलियम

(B) फोर्ट सेंट जॉर्ज

(C) फोर्ट सेंट डेविड

(D) फोर्ट सेंट एंजेलो

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उत्तर : (b) ब्रिटिश द्वारा सर्वप्रथम 1644 ई. में फोर्ट सेंट जॉर्ज किले का निर्माण मद्रास के निकट किया गया।

2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2007)

1. रॉबर्ट क्लाइव बंगाल के प्रथम गवर्नर-जनरल थे।

2. विलियम बैंटिक भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) केवल 2

(C) 1 और 2

(D) न तो 1 और न ही 2

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उत्तर : (b) रेग्यूलेटिंग एक्ट (1773) के तहत बंगाल के प्रथम गवर्नर जनरल के रूप में वारेन हेस्टिग्ंस की नियुक्ति की गई थी। भारत का प्रथम गवर्नर जनरल विलियम बैंटिक था, जिसकी नियुक्ति 1833 ई. के चार्टर एक्ट के तहत हुई थी।

3. निम्नलिखित यूरोपियनों में से कौन-सा एक स्वतंत्रता-पूर्व भारत में व्यापारी के रूप में सबसे अंत में आया? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2007)

(A) डच

(B) अंग्रेज

(C) फ्रांसीसी

(D) पुर्तगाली

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उत्तर : (c) भारत में स्वतंत्रता पूर्व यूरोपियनों ने व्यापारी के रूप में समय-समय पर प्रवेश किया, जिनका आगमन का क्रम निम्न है- पुर्तगाली-1498 ई. में डच-1605 ई. में अंग्रेज-1608 ई. में फ्रांसीसी-1664 ई. में।

4. किस मुगल सम्राट् के काल में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना सर्वप्रथम कारखाना स्थापितकिया? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2008)

(A) अकबर

(B) जहांगीर

(C) शाहजहां

(D) औरंगजेब

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उत्तर : (b) मुगल सम्राट जहांगीर के काल में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना सर्वप्रथम कारखाना स्थापित किया। 1611 ई. में दक्षिण-पूर्वी समुद्र तट पर सर्वप्रथम अंग्रेजों ने मसूलीपट्टनम में व्यापारिक कोठी की स्थापना की थी।

5. अनेकांतवाद निम्नलिखित में से किसका क्रोड सिद्धांत एवं दर्शन है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2009)

(A) बौद्ध मत (Buddhism)

(B) जैन मत (Jainism)

(C) सिख मत (Sikhism)

(D) वैष्णव मत (Vaishnavism)

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उत्तर : (b) अनेकांतवाद जैन धर्म का सिद्धांत है।

6. महा धार्मिक घटना, ‘महामस्तकाभिषेक’ निम्नलिखित में से किससे संबंधित है और किसके लिए की जाती है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2009)

(A) बाहुबली

(B) बुद्ध

(C) महावीर

(D) नटराज

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उत्तर : (a) जैन धर्म का एक महत्त्वपूर्ण उत्सव है- महामस्तकाभिषेक। यह धार्मिक उत्सव 12 वर्ष के अंतराल पर कर्नाटक राज्य के श्रवणबेलगोला शहर में आयोजित किया जाता है। यहां पर गोमतेश्वर बाहुबली की 18 मी. ऊंची मूर्ति को स्थापित किया गया है।

7. अंग्रेजों ने सूरत में अपनी पहली फैक्ट्री किसकी अनुमति से स्थापित की थी? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2009)

(A) अकबर

(B) जहांगीर

(C) शाहजहां

(D) औरंगजेब

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उत्तर : (b) मुगल सम्राट् जहांगीर के काल में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना सर्वप्रथम कारखाना स्थापित किया। 1611 ई. में दक्षिण-पूर्वी समुद्रतट पर सर्वप्रथम अंग्रेजों ने मसूलीपट्टनम में व्यापारिक कोठी की स्थापना की थी।

8. प्राचीन भारत में गुप्त काल से संबंधित गुफा चित्रांकन के केवल दो उदाहरण उपलब्ध हैं। इनमें से एक अजंता की गुफाओं में किया गया चित्रांकन है। गुप्त काल के चित्रांकन का दूसरा अवशिष्ट उदाहरण किस स्थान पर उपलब्ध है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2010)

(A) बाघ गुफाएं

(B) एलोरा गुफाएं

(C) लोमस ऋषि गुफा

(D) नासिक गुफाएं

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उत्तर : (a) गुप्त काल से सम्बन्धित गुफा चित्रांकन के केवल दो उदाहरण उपलब्ध हैं- (A)अजंता की गुफा (B)बाघ की गुफा बाघ गुफाओं के चित्र लोक जीवन से संबंधित हैं।

9. आरंभिक मध्ययुगीन समय में भारत में बौद्ध धर्म का पतन किस/किन कारण/कारणों से शुरू हुआ? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2010)

1. उस समय तक बुद्ध, विष्णु के अवतार समझे जाने लगे और वैष्णव धर्म का हिस्सा बन गए।

2. अंतिम गुप्त राजा के समय तक आक्रमण करने वाली मध्य एशिया की जनजातियों ने हिंदू धर्म को अपनाया और बौद्धों को सताया।

3. गुप्त वंश के राजाओं ने बौद्ध धर्म का पुरजोर विरोध किया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) 1 और 3

(C) 2 और 3

(D) ये सभी

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उत्तर : (a) आरंभिक मध्ययुगीन समय में बुद्ध, विष्णु के अवतार समझे जाने लगे और वैष्णव धर्म का हिस्सा बन गए, जो बौद्ध धर्म के पतन का महत्वपूर्ण कारक सिद्ध हुआ। अन्य कथन सही नहीं हैं।

10. अहमदशाह अब्दाली के भारत पर आक्रमण और पानीपत की तीसरी लड़ाई लड़ने का तात्कालिक कारण क्या था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2010)

(A) वह मराठों द्वारा लाहौर से अपने वायसराय तैमूर शाह के निष्कासन का बदला लेना चाहता था।

(B) उसे जालंधर के कुंठाग्रस्त राज्यपाल आदीन बेग खान ने पंजाब पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया।

(C) वह मुगल प्रशासन को चहार महल (गुजरात, औरंगाबाद, सियालकोट तथा पसरूर) के राजस्व का भुगतान न करने के लिए दंडित करना चाहता था।

(D) वह दिल्ली की सीमाओं तक के पंजाब के सभी उपजाऊ मैदानों को हड़पकर अपने राज्य में विलय करना चाहता था।

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उत्तर : (a) अहमदशाह अब्दाली के भारत पर आक्रमण और पानीपत की तीसरी लड़ाई लड़ने का तात्कालिक कारण था वह मराठों द्वारा लाहौर से अपने वायसराय तैमूर शाह के निष्कासन का बदला लेना चाहता था। पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 ई. में मराठों तथा अहमदशाह अब्दाली (अफगानों) के बीच हुआ। मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिव राव भाऊ ने किया। इस युद्ध में मराठा बुरी तरह पराजित हुए।

11. निम्नलिखित में से कौन भक्ति आंदोलन का प्रस्तावक नहीं था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2010)

(A) नागार्जुन

(B) तुकाराम

(C) त्यागराज

(D) वल्लभाचार्य

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उत्तर : (a) नागार्जुन ईसा की प्रारंभिक शताब्दियों में ‘शून्यवाद’ के संस्थापक थे।

12. पांडिचेरी (वर्तमान पुड्डुचेरी) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2010)

1. पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली पहली यूरोपीय शक्ति पुर्तगाली थे।

2. पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति फ्रांसीसी थे।

3. अंग्रेजों ने कभी पांडिचेरी पर कब्जा नहीं किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) 2 और 3

(C) केवल 3

(D) ये सभी

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उत्तर : (a) पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली पहली यूरोपीय शक्ति पुर्तगाली थी। ये सर्वप्रथम भारत में व्यापार करने के उद्देश्य से आए थे, बाद में इन्होंने अपनी राजनीतिक सत्ता स्थापित कर ली। अन्य कथन गलत है।

13. धर्म तथा ऋत् भारत की प्राचीन वैदिक सभ्यता के एक केंद्रीय विचार को चित्रित करते हैं। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2011)

1. ‘धर्म’ व्यक्ति के दायित्वों एवं स्वयं तथा दूसरों के प्रति व्यक्तिगत कर्तव्यों की संकल्पना था।

2. ‘ऋत्’ मूलभूत नैतिक विधान था, जो सृष्टि और उसमें अंतर्निहित सारे तत्वों के क्रियाकलापों को संचालित करता था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही हैं/है?

(A) केवल 1

(B) केवल 2

(C) 1 और 2

(D) न तो 1 और न ही 2

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उत्तर : (c) दोनों कथन सही हैं। प्राचीन समाज में आध्यात्मिक तत्व की महत्वता ज्यादा थी। यज्ञ करना, अनुष्ठान करना, वैदिक मंत्रों का जप करना तथा इन सबके साथ प्रकृति के साथ तादात्म स्थापित करके जीवन व्यतीत करना आदर्श नैतिक जीवन समझा जाता था। ऋत् मूलभूत नैतिक विधान था, जो सृष्टि और उसमें अंतर्निहित सारे तत्वों के क्रियाकलापों को संचालित करना था जैसे-रात के बाद दिन का आना, एक ऋतु के बाद दूसरी ऋतु का आना, वरुण को ऋत् का संरक्षक माना जाता था।

14. सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2011)

1. यह प्रमुखतः लौकिक सभ्यता थी तथा उसमें धार्मिक तत्व, यद्यपि उपस्थित था, वर्चस्वशाली नहीं था।

2. उस काल में भारत में कपास से वत्र बनाए जाते थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) केवल 2

(C) 1 और 2

(D) न तो 1 और न ही 2

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उत्तर : (c) यह सभ्यता मूलतः नगरीय थी। इस सभ्यता में धार्मिक तत्व के उदाहरण मिलते हैं जैसे-मातृदेवी की पूजा करना आदि, लेकिन ये तत्व वैदिक सभ्यता की भांति प्रबल नहीं थे। सिंधु सभ्यता के स्थलों से कपास के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिनसे पुष्टि होती है इन सभ्यता के लोगों को कपास का ज्ञान था।

15. भारत ने दक्षिण-पूर्वी एशिया के साथ अपने आंरभिक सांस्कृतिक संपर्क तथा व्यापारिक संबंध बंगाल की खाड़ी के पार बना रखे थे। निम्नलिखित में से कौन-सी बंगाल की खाड़ी के इस उत्कृष्ट आरंभिक समुद्री इतिहास की सबसे विश्वसनीय व्याख्या/व्याख्याएं हो सकती है/हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2011)

(A) प्राचीनकाल तथा मध्य काल में भारत के पास दूसरों की तुलना में अति उत्तम पोत-निर्माण तकनीकी उपलब्ध थी।

(B) इस उद्देश्य के लिए दक्षिण भारतीय शासकों ने व्यापारियों, ब्राह्मणों, पुजारियों और बौद्ध भिक्षुओं को सदा संरक्षण दिया।

(C) बंगाल की खाड़ी में चलने वाली मानसूनी हवाओं ने समुद्री यात्राओं को सुगम बना दिया था।

(D) इस संबंध में ‘ए’तथा ‘बी’दोनों विश्वसनीय व्याख्याएं हैं

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उत्तर : (d) भारत ने दक्षिण-पूर्वी-एशिया के साथ अपने आंरभिक सांस्कृतिक सम्पर्क तथा व्यापारिक संबंध बंगाल की खाड़ी के पार बना रखे थे, इसकी विश्वनीय व्याख्या यह है कि प्राचीनकाल तथा मध्यकाल में भारत के पास दूसरों की तुलना में अति उत्तम पोत निर्माण तकनीकी उपलब्ध थी और दक्षिण भारतीय शासकों ने व्यापारियों, ब्राह्मणों, पुजारियों और बौद्ध भिक्षु को सदा संरक्षण दिया।

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16. मध्ययुगीन भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में सूफी संत निम्नलिखित में से किस तरह के आचरण का निर्वाह करते थे? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2012)

1. ध्यानसाधना और श्वास-नियमन।

2. एकांत में कठोर यौगिक व्यायाम।

3. श्रोताओं में आध्यात्मिक हर्षोन्माद उत्पन्न करने के लिए पवित्र गीतों का गायन।

कूटः

(A) 1 और 2

(B) 2 और 3

(C) केवल 3

(D) ये सभी

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उत्तर : (d) सूफी साधना का मूलाधार ईश्वर को प्रेम द्वारा पाना है। इस्लाम में संगीत की प्रतिष्ठा न होते हुए भी सूफियों ने इसे ईश्वर को पाने का महत्त्वपूर्ण साधन माना है। सूफी संत ध्यान, साधना और श्वास नियमन का अभ्यास भी करते थे। कठोर यौगिक व्यायाम भी सूफियों का मुख्य आधार था।

17. निम्नलिखित पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2012)

1. मृदा के स्वरूप तथा उपज के गुणों के आधार पर भूमि राजस्व का मूल्यांकन।

2. युद्ध में चलती-फिरती तोपों का उपयोग। 3. तंबाकू और लाल मिर्च की खेती। उपर्युक्त में से कौन-सा/से अंग्रेजों की भारत को देन थी/थीं?

(A) केवल 1

(B) 1 और 2

(C) 2 और 3

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

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उत्तर : (d) मध्य काल में ही मृदा के स्वरूप तथा उपज के गुणों के आधार पर भूमि स्वराज्य का मूल्यांकन प्रचलित था। चलती-फिरती तोपों का प्रयोग बाबर ने किया तथा आलू पुर्तगालियों की देन थी।

18. प्राचीन भारत में देश की अर्थव्यवस्था में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली ‘श्रेणी’ संगठन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2012)

1. प्रत्येक ‘श्रेणी’ राज्य की एक केंद्रीय प्राधिकरण के साथ पंजीकृत होती थी और प्रशासनिक स्तर पर राजा उनका प्रमुख होता था।

2. ‘श्रेणी’ ही वेतन, काम करने के नियमों, मानकों और कीमतों को सुनिश्चित करती थी। 3. श्रेणी का अपने सदस्यों पर न्यायिक अधिकार होता था।

कूट

(A) 1 और 2

(B) केवल 3

(C) 2 और 3

(D) ये सभी

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उत्तर : (c) श्रेणी ही वेतन, काम करने के नियमों, मानकों और कीमतों को सुनिश्चित करती थी। श्रेणी का अपने सदस्यों पर न्यायिक अधिकार भी था!

19. पूर्व-वैदिक आर्यों का धर्म प्रमुखतः थाः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2012)

(A) भक्ति

(B) मूर्ति पूजा और यज्ञ

(C) प्रकृति पूजा और यज्ञ

(D) प्रकृति पूजा और भक्ति

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उत्तर : (c) पूर्व-वैदिक आर्यों का धर्म प्रमुखतः प्रकृति पूजा तथा यज्ञ था। इस काल में प्राकृतिक शक्तियों का मानवीकरण किया गया, पृथ्वी के देवता, आकाश के देवता इत्यादि।

20. प्राचीनकालीन भारत में हुई वैज्ञानिक प्रगति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2012)

1. प्रथम शती ई. में विभिन्न प्रकार के विशिष्ट शल्य औजारों का उपयोग आम था।

2. तीसरी शती ई. के आरम्भ में मानव शरीर के आंतरिक अंगों का प्रत्यारोपण शुरू हो चुका था।

3. पांचवीं शती ई. में कोण के ज्या का सिद्धांत ज्ञात था।

4. सातवीं शती ई. में चक्रीय चतुर्भुज का सिद्धांत ज्ञात था।

कूट

(A) 1 और 2

(B) 3 और 4

(C) 1, 3 और 4

(D) ये सभी

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उत्तर : (c) ऐसा कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं है, जो यह जानकारी प्रदान कर सके कि तीसरी शती ई. के आरंभ में मानव शरीर आतंरिक अंगों का प्रत्यारोपण शुरू हो चुका था।

21. प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान रूप से विद्यमान था/थे? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2012)

1. तप और भोग की अति का परिहार।

2. वेद-प्रमाण्य के प्रति अनास्था।

3. कर्मकांडो की फलवत्ता का निषेध।

कूटः

(A) केवल 1

(B) 2 और 3

(C) 1 और 3

(D) ये सभी

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उत्तर : (b) जैन धर्म में तप की अतिवादिता प्रारंभ से ही विद्यमान थी, लेकिन बौद्ध धर्म में ऐसा नहीं था। बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में वेद प्रमाण्य के प्रति अनास्था और कर्मकांडों की रुलवता का निषेध विद्यमान था।

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22. कुछ शैलकृत बौद्ध गुफाओं को चैत्य कहते हैं, जबकि अन्य को विहार। दोनों में क्या अंतर है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2013)

(A) विहार पूजा स्थल होता है, जबकि चैत्य बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थान है।

(B) चैत्य पूजा-स्थल होता है, जबकि विहार बौद्ध भिक्षुओं का निवासस्थान है।

(C) चैत्य गुफा के दूर के सिरे पर स्तूप होता है, जबकि विहार गुफा पर अक्षीय कक्ष होता है।

(D) दोनों में कोई वास्तविक अंतर नहीं होता।

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उत्तर : (b) चैत्य गृह, जिन्हें प्रायः गुहा मन्दिर के नाम से जाना जाता है। बौद्ध धर्म में चैत्य गृह ध्यान, वंदना आदि के लिए प्रयोग होता था। चैत्यगृहों के समीप ही भिक्षु-भिक्षुणियों के निवास के लिए विहार का निर्माण होता था।

23. निम्नलिखित में से कौन-सा एक बौद्ध मत में निर्वाण की अवधारणा की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या करता है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2013)

(A) तृष्णारूपी अग्नि का शमन

(B) स्वयं की पूर्णतः अस्तित्वहीनता

(C) परमानंद एवं विश्राम की स्थिति

(D) धारणातीत मानसिक अवस्था

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उत्तर : (a) तृष्णारूपी अग्नि का शमन बौद्ध मत में निर्वाण की अवधारणा की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या करता है। निर्वाण का अर्थ है ‘बुझना’। विच्छिन्न प्रवाह रूप से उत्पन्न विज्ञान एवं भौतिक तत्व तृष्णा के गारे मिलकर जिस जीवन प्रवाह का रूप धारण कर प्रवाहित हो रहे हैं, उस प्रवाह का अत्यंत विच्छेद ही निर्वाण है।

24. निम्नलिखित में से कौन-सा/से लक्षण सिंधु सभ्यता के लोगों का सही चित्रण करता है/करते हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2013)

1. उनके विशाल महल और मंदिर होते थे।

2. वे देवियों और देवताओं, दोनों की पूजा करते थे।

3. वे युद्ध में घोड़ों द्वारा खींचे गए रथों का प्रयोग करते थे।

कूटः

(A) 1 और2

(B) केवल 2

(C) 1, 2 और 3

(D) इनमें से कोई नहीं

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उत्तर : (b) सिंधु सभ्यता अपनी विशिष्ट एवं उन्नत नगर नियोजन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, खुदाई से प्राप्त अवशेषों में कुछ विशाल भवनों के अवशेष प्राप्त हुए हैं, लेकिन इनका प्रयोग मंदिर के रूप में होता था, यह अनुमान कठिन है। भारी संख्या में देवी-देवताओं तथा अन्य आराध्यों की पूजा किए जाने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। प्रमुख रूप से मातृ देवी, शिव तथा कई प्रकार के पशु एवं वृक्ष आराध्य थे। रथों का प्रयोग भारत में आर्यों की देन थी।

25. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन जैन सिद्धांत के अनुरूप है/हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2013)

1. कर्म को विनष्ट करने का सुनिश्चित मार्ग तपश्चर्या है।

2. प्रत्येक वस्तु में, चाहे वह सूक्ष्मतम कण हो, आत्मा होती है।

3. कर्म आत्मा का विनाशक है और अवश्य इसका अंत करना चाहिए।

कूटः

(A) केवल 1

(B) 2 और 3

(C) 1 और 3

(D) 1, 2 और 3

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उत्तर : (d) जैन दर्शन के अनुसार, मोक्ष पाने के लिए जीव का कर्मों से मुक्त होना आवश्यक है, इसलिए मोक्ष प्राप्ति के लिए तीन साधन प्रतिपादित किए जो ‘त्रिरत्न’ कहलाए- सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चरित्र। महावीर आत्मा में विश्वास करते थे और जीव को उसका भाग मानते थे। आत्मा साधना और तपस्या के बल पर मुक्त हो सकती है।

26. भारत की यात्रा करने वाले चीनी यात्री युआन च्वांग (ह्वेनसांग) ने तत्कालीन भारत की सामान्य दशाओं और संस्कृति का वर्णन किया है। इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2013)

1. सड़क और नदी-मार्ग लूटमार से पूरी तरह सुरक्षित थे।

2. जहां तक अपराधों के लिए दंड का प्रश्न है, अग्नि, जल व विष द्वारा सत्य-परीक्षा किया जाना ही किसी भी व्यक्ति की निर्दोषता अथवा दोष के निर्णय के साधन थे।

3. व्यापारियों को नौघाटों और नावों पर शुल्क देना पड़ता था।

कूटः

(A) केवल 1

(B) 2 और 3

(C) 1 और 3

(D) 1, 2 और 3

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उत्तर : (d) चीनी यात्री ह्वेनसांग हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था। ह्वेनसांग जब भारत से जा रहा था, तब उसका सामना लुटेरों से हुआ था, जिसका वर्णन ह्वेनसांग ने अपने ग्रंथों में किया है। ह्वेनसांग जब भारत में था, उसने देखा कि यहां पर न्याय बड़ा कठोर था। निर्दोषता अथवा दोष की जांच लिए अग्नि, जल व विष द्वारा सत्य परीक्षण किया जाता था। व्यापारियों को नौहारों और नावों पर शुल्क देना पड़ता था।

27. निम्नलिखित भक्ति संतों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2013) 1. दादू दयाल 2. गुरुनानक 3. त्यागराज इनमें से कौन उस समय उपदेश देता था/देते थे, जब लोदी वंश का पतन हुआ तथा बाबर सत्तारूढ़ हुआ?

(A) 1 और 3

(B) केवल 2

(C) 2 और 3

(D) 1 और 2

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उत्तर : (b) 1526 ई. में बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराकर लोदी वंश का पतन किया तथा मुगल वंश की नींव डाली। उस समय गुरुनानक (1469-1538 ई.) उपदेश दिया करते थे। दादू दयाल (1544-1603 ई.) तथा त्यागराज (1767-1847 ई.) का समय बाद का है।

28. निम्नलिखित राज्यों में से किसका संबंध बुद्ध के जीवन से था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2014)

1. अवंति

2. गांधार

3. कोशल

4. मगध

कूटः

(A) 1, 2 और 3

(B) 2 और 4

(C) 3 और 4

(D) 1, 3 और 4

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उत्तर : (c) महात्मा बुद्ध बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए कोशल राज्य गए थे। सबसे अधिक बौद्ध धर्म का प्रचार कोशल राज्य में हुआ। बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति उरुवेला (मगध साम्राज्य) नामक स्थान पर निरंजना नदी के किनारे पीपल वृक्ष के नीचे हुई थी।

29. प्रत्येक वर्ष कतिपय विशिष्ट समुदाय/जनजाति, पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण, मास-भर चलने वाले अभियान/त्योहार के दौरान फलदार वृक्षों की पौध का रोपण करते हैं। निम्नलिखित में से कौन-से ऐसे समुदाय/जनजाति हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2014)

(A) भोटिया और लेप्चा

(B) गोंड और कोर्कू

(C) इरुला और तोड़ा

(D) सहरिया और अगरिया

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उत्तर : (b) प्रत्येक वर्ष गोंड और कोर्कू जनजाति पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण, मास भर चलने वाले अभियान त्यौहार के दौरान फलदार वृक्षों की पौध का रोपण करते हैं।

30. मध्यकालीन भारत में ‘महत्तर’ और ‘पट्टकिल’ पदनाम किनके लिए प्रयुक्त होते थे? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2014)

(A) सैन्य अधिकारी

(B) ग्राम मुखिया

(C) वैदिक कर्मकांड के विशेषज्ञ

(D) शिल्पी श्रेणियों के प्रमुख

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उत्तर : (b) मध्यकालीन भारत में ‘महत्तर और पट्टकिल’ पदनाम ग्राम मुखिया के लिए प्रयुक्त होते थे। गांव सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई थी, जिसका प्रधान मुखिया या महत्तर था, जबकि दक्षिण भारत में इसे ‘पट्टकिल’ के नाम से जाना जाता था।

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31. शक संवत् पर आधारित राष्ट्रीय पंचांग (कैलेंडर) का 1 चैत्र ग्रिगेरियन कैलेंडर पर आधारित 365 दिन के सामान्य वर्ष की निम्नलिखित तिथियों में से किस एक के तदनुरूप है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2014)

(A) 22 मार्च (अथवा 21 मार्च)

(B) 15 मई (अथवा 16 मई)

(C) 31 मार्च (अथवा 30 मार्च)

(D) 21 अप्रैल (अथवा 20 अप्रैल)

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उत्तर : (a) शक संवत् पर आधारित राष्ट्रीय पचांग (कैलेडंर) का चैत्र, ग्रिगेरेयिन कैलेडंर पर आधारित 365 दिन के सामान्य वर्ष की 22 मार्च (अथवा 21 मार्च) तिथियों के तदनुरूप है।

32. फतेहपुर सीकरी का इबादतखाना क्या था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2014)

(A) राज परिवार के इस्तेमाल के लिए मस्जिद।

(B) अकबर का निजी प्रार्थना कक्ष।

(C) वह भवन जिसमें विभिन्न धर्मों के विद्वानों के साथ अकबर चर्चा करता था।

(D) वह कमरा जिसमें विभिन्न धर्म वाले कुलीन-जन धार्मिक बातों के विचारार्थ जमा होते थे।

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उत्तर : (c) धार्मिक चर्चा एवं विचार-विमर्श के लिए 1575 ई. में अकबर ने फतेहपुर सीकरी में एक इबादतखाना के निर्माण का आदेश दिया। इबादतखाना में बादशाह अकबर विभिन्न धर्मों के विद्वानों के साथ चर्चा करता था।

33. भारत के निम्नलिखित नगरों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2014)

1. भदाचलम

2. चंदेरी

3. कांचीपुरम

4. करनाल

उपर्युक्त में से कौन-से पारंपरिक साड़ी/वत्र उत्पादन के लिए विख्यात हैं?

(A) 1 और 2

(B) 2 और 3

(C) 1, 2 और 3

(D) 1, 3 और 4

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उत्तर : (b) तमिलनाडु में स्थित कांचीपुरम तथा मध्य प्रदेश में चंदेरी पारंपरिक साड़ी/वत्र उत्पादन के लिए विख्यात हैं।

34. भारत के सम्प्रतीक के नीचे उत्कीर्ण भारत की राष्ट्रीय आदर्शोक्ति ‘सत्यमेव जयते’ कहां से ली गई है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015)

(A) कठोपनिषद्

(B) छांदोग्य उपनिषद्

(C) ऐतरेय उपनिषद्

(D) मुंडकोपनिषद्

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उत्तर : (d) भारत के सम्प्रतीक के नीचे उत्कीर्ण भारत की राष्ट्रीय आदर्शोक्ति ‘सत्यमेव जयते’ मुंडकोपनिषद् से ली गई है। मुण्डकोपनिषद अथर्ववेद से संबंधित है।

Indian Political System General Knowledge Quiz | भारतीय राजनीतिक व्यवस्था सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

35. निम्नलिखित राज्यों में से किनका संबंध बुद्ध के जीवन से था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015)

1. अवंति

2. गांधार

3. कोशल

4. मगध

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

(A) 1, 2 और 3

(B) 2 और 3

(C) 1, 3 और 4

(D) केवल 3 और 4

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उत्तर : (d) महात्मा बुद्ध के द्वारा गृह त्याग के बाद मगध (गया) में ज्ञान की प्राप्ति हुई तथा कोशल उनका मुख्य प्रचार क्षेत्र रहा। महात्मा बुद्ध अपने जीवनकाल में कभी अवंति तथा गांधार नहीं गए।

36. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए  (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015)

तीर्थस्थान—अवस्थिति

1. श्रीशैलम्—नल्लमल्ला पहाड़ियां

2. ओंकारेश्वर—सतमाला पहाड़ियां

3. पुष्कर—महादेव पहाड़िया

उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

(A) केवल 1

(B) केवल 2 और 3

(C) केवल 1 और 3

(D) 1, 2 और 3

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उत्तर : (a) श्रीशैलम् नल्लामल्ला पहाड़ियों पर अवस्थित है। यह आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में स्थित शिव का प्रसिद्ध ज्योर्तिलिंग है। ओंकारेश्वरः मध्य प्रदेश में स्थित है, जबकि सतमाला की पहाड़ियां महाराष्ट्र में फैली हुई हैं। पुष्करः यह राजस्थान में स्थित है। यह अरावली पहाड़ियों पर स्थित है। जबकि महादेव की पहाड़ियों मध्य प्रदेश में अवस्थित हैं।

37. भारतीय इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से सामंती व्यवस्था का/के अनिवार्य तत्त्व है/हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015)

1. अत्यंत सशक्त केन्द्रीय राजनैतिक सत्ता और अत्यंत दुर्बल प्रंतीय अथवा स्थानीय राजनीतिक सत्ता।

2. भूमि के नियंत्रण तथा स्वामित्व पर आधारित प्रशासनिक संरचना का उदय।

3. सामंत तथा उसके अधिपति के बीच स्वामी-दास संबंध का बनना।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

(A) 1 और 2

(B) 2 और 3

(C) केवल 3

(D) 1, 2 और 3

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उत्तर : (b) भारतीय इतिहास की सामंती व्यवस्था भूमि पर नियंत्रण आधारित एक प्रशासनिक व्यवस्था होती थी। इसमें अधीनस्थ कर एवं सैन्य सहायता देने का वायदा करता था। इसके तहत स्वामी दास के संबंधों पर आधारित व्यवस्था होती है। अतः कथन (2) व (3) सत्य हैं। सामंती विकास से राजा की शक्ति कम हो गई तथा वह अपने सामंती सरदारों पर निर्भर रहने लगा। इससे केंद्रीय राजनैतिक सत्ता कमजोर हुई तथा प्रंतीय या स्थानीय राजनीतिक सत्ता मजबूत हुई।

38. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015) मध्यकालीन राज्य —वर्तमान क्षेत्र

1. चंपक—मध्य भारत

2. दुर्गर—जम्मू

3. कुलूत—मालाबार

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

(A) 1 और 2

(B) केवल 2

(C) 1 और 3

(D) केवल 3

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उत्तर : (b) चंपकः वर्तमान हिमाचल के अन्तर्गत आने वाली पहाड़ी रियासतों में से एक है। दुर्गरः एक जम्मू की रियासतों का वर्ग था, जिसमें झेलम व रावी नदियों के मध्य आने वाली रियासतें रखी गईं। फूलूतः वर्तमान कुल्लू, जिसका उल्लेख चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृत्तांत में किया गया है।

39. इनमें से किसने कृष्णा नदी की सहायक नदी के दक्षिणी तट पर एक नए नगर की स्थापना की और उस देवता के प्रतिनिधि के रूप में अपने इस नए राज्य पर शासन करने का दायित्व लिया, जिसके बारे में माना जाता था कि कृष्णा नदी से दक्षिण की समस्त भूमि उस देवता की है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015)

(A) अमोघवर्ष प्रथम

(B) वल्लाल द्वितीय

(C) हरिहर प्रथम

(D) प्रतापरुद्र द्वितीय

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उत्तर : (c) हरिहर प्रथम ने (1336-56) कृष्णा नदी की सहायक नदी (तुंगभद्रा) के दक्षिणी तट पर एक नगर विजयनगर राज्य की स्थापना की। इसने अपनी पहली राजधानी अनेगोंडी को बनाया।

40. निम्नलिखित पर विचार कीजिए- (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015) बाबर के भारत में आने के फलस्वरूपः

1. उपमहाद्वीप में बारूद के उपयोग की शुरुआतहुई।

2. इस क्षेत्र की स्थापत्य कला में मेहराब व गुंबद बनने की शुरुआत हुई।

3. इस क्षेत्र में तैमूरी (तिमूरिद) राजवंश स्थापितहुआ।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

(A) केवल 1 और 2

(B) केवल 3

(C) केवल 1 और 3

(D) 1, 2 और 3

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उत्तर : (b) बाबर के आने के बाद तैमूरी राजवंश यानी मुगल राजवंश का प्रारंभ हुआ, भारतीय उपमहाद्वीप में बारूद का प्रयोग सर्वप्रथम विजयनगर बहमनी साम्राज्य के बीच हुए संघर्षों में किया गया था, अतः कथन गलत है। स्थापत्यकला में मेहराब व गुंबद का प्रयोग दिल्ली सल्तनत काल में ही प्रारंभ हो गया था। अतः कथन (2) भी गलत है।

41. भारत के कला पुरातात्विक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित में से किस एक का सबसे पहले निर्माण किया गया था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2015)

(A) भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर

(B) धौली स्थित शैलकृत हाथी

(C) महाबलीपुरम स्थित शैलकृत स्मारक

(D) उदयगिरि स्थित वाराह मूर्ति

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उत्तर : (b) कलाकृति निर्माण काल लिंगराज मंदिर 11वीं शताब्दी, धौली स्थित शैलकृत हाथी तीसरी शताब्दी ई.पू., महाबलीपुरम् का स्मारक 7-8वीं शताब्दी, उदयगिरि स्थित वाराह मूर्ति गुप्तकालीन

42. विजयनगर के शासक कृष्णदेव राय की कराधान व्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

(i) भूमि की गुणवत्ता के आधार पर भू-राजस्व की दर नियत होती थी।

(ii) कारखानों के निजी स्वामी एक औद्योगिक कर देते थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) केवल 2

(C) 1 और 2 दोनों

(D) न तो 1 और न ही 2

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उत्तर : (c) विजयनगर के शासक कृष्णदेव राय के शासनकाल में कराधान व्यवस्था के सम्बन्ध में लगान का निर्धारण भूमि की उत्पादकता और उसकी स्थिति अर्थात् भूमि की गुणवत्ता के आधार पर किया जाता था। भू-राजस्व कराधान का सबसे महत्त्वपूर्ण स्रोत था तथा कारखानों के निजी स्वामी औद्योगिक कर भी देते थे। इस प्रकार दोनों कथन सत्य हैं।

43. प्राचीन भारत की निम्नलिखित पुस्तकों में से किस एक में शुंग राजवंश के संस्थापक के पुत्र की प्रेम कहानी है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

(A) स्वप्नवासवदत्ता

(B) मालविकाग्निमित्र

(C) मेघदूत

(D) रत्नावली

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उत्तर : (b) मालविकाग्निमित्र, नामक पुस्तक कालिदास का सुप्रसिद्ध नाटक है, जिसमें उन्होंने शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग के पुत्र अग्निमित्र तथा मालिविका, जोकि उस राज्य की नर्तकी थी, की प्रेम कथा का वर्णन किया है।

44. मध्यकालीन भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

1. तमिल क्षेत्र के सिद्ध (सित्तर) एकेश्वरवादी थे तथा मूर्तिपूजा की निंदा करते थे।

2. कन्नड़ क्षेत्र के लिंगायत पुनर्जन्म के सिद्धांत पर प्रश्नचिन्ह लगाते थे तथा जाति अधिक्रम को अस्वीकार करते थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) केवल 2

(C) 1 और 2 दोनों

(D) न तो 1 और न ही 2

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उत्तर : (c) मध्यकालीन भारत में दक्षिण भारत के तमिल क्षेत्र के सिद्ध (सिद्धर, जिनमें अगस्त्य भी हैं), शैव धर्म के उपासक थे तथा एकेश्वरवादी थे। वे मूर्तिपूजा की निंदा करते थे। कन्नड़ क्षेत्र के लिंगायत भी शैव अनुयायी थे, जोकि पुनर्जन्म तथा जाति-क्रम में विश्वास नहीं रखते थे। इस प्रकार दोनों कथन सत्य हैं।

45. सम्राट् अशोक के राजादेश का सबसे पहले विकूटन (डिसाइफर) किसने किया था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

(A) जॉर्ज बुहर

(B) जेम्स प्रिंसेप

(C) मैक्समूलर

(D) विलियम जोंस

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उत्तर : (b) बनारस टकसाल में काम करने वाले इंग्लैंड के जेम्स प्रिंसेप ने ब्राह्मी लिपि और खरोष्ठी लिपि पहली बार पढ़ी। अशोक के राजादेश इन्हीं लिपियों में थे।

46. भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

1. बोधिसत्व, बौद्धमत के हीनयान सम्प्रदाय की केंद्रीय संकल्पना है।

2. बोधिसत्व अपने प्रबोध के मार्ग पर बढ़ता हुआ करुणामय है।

3. बोधिसत्व समस्त सचेतन प्राणियों को उनके प्रबोध के मार्ग पर चलने में सहायता करने के लिए स्वयं की निर्वाण प्राप्ति विलंबित करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) केवल 2 और 3

(C) केवल 2

(D) 1, 2 और 3

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उत्तर : (b) बौद्धधर्म के महायान संप्रदाय का आदर्श बोधिसत्व है, न की हीनयान का। बोधिसत्व दूसरे के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अपने निर्वाण में विलंब करते हैं बोधिसत्व अपने प्रबोध के मार्ग पर बढ़ता हुआ करुणामय है।

47. अजंता और महाबलीपुरम् के रूप में ज्ञात दो ऐतिहासिक स्थानों में कौन-सी बात/बातें समान है/हैं? सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

1. दोनों एक ही समयकाल में निर्मित हुए थे।

2. दोनों का एक ही धार्मिक संप्रदाय से संबंध है।

3. दोनों में शिलाकृत स्मारक हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिएः

(A) केवल 1 और 2

(B) केवल 3

(C) केवल 1 और 3

(D) उपर्युक्त कथनों में से कोई भी सही नहीं है।

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उत्तर : (b) अजंता की कलाकृतियां ई. पू. दूसरी शताब्दी की हैं, वहीं महाबलीपुरम् में 7वीं सदी के मध्य में कलाकृतियों के निर्माण का पता चलता है। अतः कथन 1 गलत है। जहां अजंता की कलाकृतियां बौद्ध धर्म से संबंधित हैं वहीं महाबलीपुरम् हिंदू मंदिर है। अतः कथन 2 भी असत्य है। अजंता और महाबलीपुरम् दोनों में शिलाकृत स्मारक पाए जाते हैं। अतः कथन 3 सत्य है। इस प्रकार विकल्प (B)सत्य है।

48. भारत के इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016) शब्द—विवरण

1. एरिपत्तिः भूमि, जिससे मिलने वाला राजस्व अलग से ग्राम जलाशय के रख-रखाव के लिए निर्धारित कर दिया जाता था।

2. तनियूरः एक अकेले ब्राह्मण अथवा एक ब्राह्मण समूह को दान में दिए गए ग्राम।

3. घटिकाः प्रायः मंदिरों के साथ संबद्ध विद्यालय।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

(A) 1 और 2

(B) केवल 3

(C) 2 और 3

(D) 1 और 3

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उत्तर : (d) एरिपत्तिः यह भूमि मुख्यतः जलाशय भूमि थी, जिससे मिलने वाला राजस्व अलग से ग्राम जलाशयों के रख-रखाव के लिए निर्धारित कर दिया जाता था। तनियूर : चोल शासन के प्रशासन से संबंधित है। इसके अंतर्गत प्रत्येक गांव एक स्वायत्त इकाई था। तनियूर एक बड़ा गांव था। धारिका, मध्यकालीन कर्नाटक के मंदिरों के निकट स्थित पल्लवों का महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान था।

49. मध्यकालीन भारत के आर्थिक इतिहास के संदर्भ में शब्द ‘अरघट्ट’ (Araghatta)किसे निरूपित करता है? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

(A) बंधुआ मजदूर।

(B) सैन्य अधिकारियों को दिए गए भूमि अनुदान।

(C) भूमि की सिंचाई के लिए प्रयुक्त जल चक्र (वाटर-व्हील)।

(D) कृषि भूमि में बदली गई बंजर भूमि।

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उत्तर : (c) मध्यकालीन भारत में अरघट्टा-कृषि भूमि की सिंचाई का एक तरीका था।

50. भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में इतिवृत्तों, राजवंशीय इतिहासों तथा वीरगाथाओं को कंठस्थ करना निम्नलिखित में से किसका व्यवसाय था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2016)

(A) श्रमण

(B) परिव्राजक

(C) अग्रहारिक

(D) मागध

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उत्तर : (d) मागध प्राचीन भारत में एक दरबारी था, जिनका कार्य इतिवृत्तों, राजवंशीय इतिहासों या महाकाव्य संबंधी कथाओं को याद करना था। इन्हें सूत भी कहते थे।

51. निम्नलिखित में से कौन-सा एक काकातीय राज्य में अति महत्त्वपूर्ण समुद्रपत्तन था? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2017)

(A) काकीनाडा

(B) मोटुपल्ली

(C) मछलीपट्नम

(D) नेल्लुरू

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उत्तर : (b) काकातीय राज्य का एक महत्वपूर्ण समुद्र पत्तन मोटुपल्ली था, जोकि वर्तमान में आंध्र प्रदेश राज्य के कृष्णा जिले में अवस्थित है। इटली निवासी समुद्री यात्री मार्कोपोलो ने काकातीय राज्यकाल की समृद्धि का उल्लेख किया है। 13वीं शताब्दी मोटुपल्ली शिलालेख द्वारा ज्ञात होता है कि इस समुद्र पत्तन से कपूर, गुलाब-जल, हाथीदांत, मोती, रेशम, आदि वस्तुओं का व्यापार किया जाता था।

52. भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2017)

1. सौत्रांतिक और सम्मितीय जैन मत के संप्रदाय थे।

2. सर्वस्तिवादियों की मान्यता थी कि दृग्षिय (फिनोलिमा) के अवयव पूर्णतः क्षणिक नहीं हैं, अपितु अष्यक्त रूप से सदैव विद्यमान रहते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1

(B) केवल 2

(C) 1 और 2 दोनों

(D) न तो 1, न ही 2

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उत्तर : (b) सोत्रांतिक एवं सम्मितीय संप्रदाय बौद्ध धर्म से संबंधित है। इस प्रकार कथन (1) असत्य है। क्षणिकवाद को बौद्धदर्शन में स्वीकार किया गया है। बुद्ध के अनुसार अनित्यवाद का तार्किक विकास ही क्षणिकवाद है, जोकि बाद में बौद्ध दर्शन में आया। इस मत के अनुसार, विश्व की प्रत्येक वस्तु का अस्तित्व क्षणमात्र के लिए ही रहता है।

53. बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्रायः चित्रकारी है, जो- (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2017)

(A) अजंता में है।

(B) बादामी में है।

(C) बाघ में है।

(D) एलोरा में है।

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उत्तर : (a) बोधिसत्व पद्मपाणि की चित्रकला अंजता की गुफाओं में की गई चित्रकला की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में है। इसे छठी शताब्दी के अंत में निष्पादित किया गया था। यह एक प्रकार की राजसी शैली की सर्वश्रेष्ठतम कृति है, जिसमें उन्होंने एक नीलम जड़ित मुकुट पहना हुआ है। उनके लंबे काले बाल मनोहरी रूप से छाया प्रदान कर रहे हैं। इसमें उनके दाहिने हाथ कुछ-कुछ रुके हुए तथा कमल के पुष्प को पकड़े हुए दिखाया गया है।

54. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए- (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2017) परंपराएं—समुदाय

1. चलिहा साहिब उत्सव—सिंधियों का

2. नंदा राज जातव-यात्रा—गोंडों का

3. वारी-वारकरी—संथालों का

ऊपर दिए हुए युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं-

(A) केवल 1

(B) केवल 2 और 3

(C) केवल 1 और 3

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

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उत्तर : (a) भारत में सिंधी समाज प्रत्येक वर्ष जुलाई अगस्त माह में चलिहा साहिब उत्सव का आयोजन करता है। इसमें 40 दिनों तक उपवास द्वारा अखंड ज्योति की पूजा की जाती है। नंदा राज जात यात्रा उत्तराखंड की प्रमुख सांस्कृतिक यात्रा है। यह कुमाऊं क्षेत्र के राजा कल्याणचंद के शासनकाल से आयोजित की जाती है। महाराष्ट्र के पढ़ंरपुर में आषाढ़ माह की शुक्ल एकादशी पर वारी-वारकरी महायात्रा का आयोजन किया जाता है। इसे ‘वैष्णवजनों का कुंभ’ भी कहा जाता है। वारी का अर्थ है-सालों साल लगातार यात्रा करना। इसमें शामिल होने वाले लोगों को वारकरी कहा जाता है तथा इसे मानने वाले अनुनायी वारकरी संप्रदाय के कहलाते हैं।

55. ऋवेदकालीन आर्यों और सिंधु घाटी के लोगों की संस्कृति के बीच अंतर के संबंध में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (सिविल सर्विस (प्रा.प.) 2017)

1. ऋग्वेदकालीन आर्य कवच और शिरत्राण (हेलमेट) का उपयोग करते थे, जबकि सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों में इनके उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं मिलता।

2. ऋग्वेदकालीन आर्यों को स्वर्ण, चांदी और ताम्र का ज्ञान था, जबकि सिंधु घाटी के लोगों को केवल ताम्र और लौह का ज्ञान था।

3. ऋग्वेदकालीन आर्यों ने घोड़े को पालतू बना लिया था, जबकि इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि सिंधु घाटी के लोग इस पशु को जानते थे।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिएः

(A) केवल 1

(B) केवल 2 और 3

(C) केवल 1 और 3

(D) 1, 2 और 3

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उत्तर : (a) ऋग्वेद में उल्लिखित वर्ग (कवच) से सम्भवतः उस समय आर्य लौह व स्वर्ण से निर्मित कवच और शिरत्राण (हेलमेट) का प्रयोग करते थे। वहीं सिंधु सभ्यता के लोगों द्वारा इसके उपयोग के कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। लौह का प्रचलन उत्तर भारत में 1000 ई. पू.- 600 ई. पू. के मध्य हुआ था, जबकि ऋग्वैदिक आर्यों को स्वर्ण चांदी और ताम्र का ज्ञान था। इस प्रकार कथन 2 असत्य है। ऋग्वैदकालीन आर्यों ने घोड़े को पालतू बना लिया था तथा वे इसका प्रयोग प्रायः युद्धों में भी करते थे। सिंधु सभ्यता के विभिन्न स्थलों से मोहनजोदड़ो में मिट्टी के घोड़े की आकृति, लोथल में घोड़े की तीन मूर्तियां तथा सुरकोटडा में घोड़े की हड्डयों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कथन (3) भी असत्य है।

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