10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस: WORLD HINDI DAY

विश्व हिंदी दिवस 2020 की जानकारी हिंदी में

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10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस: WORLD HINDI DAY – साल 1975 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन (First world Hindi Conference) का उद्घाटन किया था 1975 से भारत (India),  मॉरीशस (Mauritius), यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) , त्रिनिदाद Trinidad),  और टोबैगो (Tobago), संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) जैसे विभिन्न देशों में  विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया है। विश्व हिंदी दिवस पहली बार 10 जनवरी 2006 को मनाया गया था। तब से हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है।

10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस: WORLD HINDI DAY
10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस: WORLD HINDI DAY

उद्देश्य: AIM

विश्व हिंदी दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। ताकि दुनिया का हर देश इस भाषण से रूबरू हो सकें। इस दिन को मनाने का उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए जागरूकता Awareness पैदा करना तथा हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में मजबूत करना है ,विश्व हिंदी दिवस के मौके पर दुनिया भर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिंदी के लिए अनूठे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन: FIRST WORLD HINDI CONFERENCE

नागपुर में 10 जनवरी 1975 में तत्कालीन भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन किया था।  तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस दिन को प्रतिवर्ष  विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा (Declaration) की थी।

हिंदी की शुरुआत : BEGINNING OF HINDI

साल 1947 में जब अंग्रेजी हुकूमत से भारत आजाद हुआ था तो उनके सामने भाषा को लेकर सबसे बड़ा सवाल था। क्योंकि भारत में सैकड़ों भाषाएं (Hundreds of Languages) और बोलियां बोली जाती हैं। 6 दिसंबर 1946 में आजाद भारत का संविधान तैयार करने के लिए संविधान का गठन हुआ। संविधान सभा ने अपना 26 नवंबर 1949  को संविधान के अंतिम प्रारूप को मंजूरी दे दी। आजाद भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू हुआ लेकिन भारत की कौन सी भाषा चुनी जाएगी यह मुद्दा काफी अहम् था। काफी सोच -विचार के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की भाषा चुना गया। संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को अंग्रेजी के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत से निर्णय (Decision) लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी।
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि इस दिन के महत्व को देखते हुए हर साल 14 सितंबर  को हिंदी दिवस मनाया जाए तब से 14 सितंबर 1953 में मनाया गया था।

भारतेंदु योगदान : BHARTENDU CONTRIBUTION

विश्व हिंदी दिवस का योगदान भारतेंदु हिंदी भाषा की सांस्कृतिक विरासत के हिंदी की साहित्यिक गतिशीलता के संवाहक राष्ट्रिय हितों के प्रमुख तत्व के रूप में हिंदी की भागीदारी के वैश्विक परिमार्जन हिंदी के अभिव्यक्ति को जनमानस की लोक संस्कृति में पिरोने में सफल साथ ही हिंदी को नई दिशा में ढालने में समर्थ सर्व देसी का कवि हिंदी के अंतर को पुनर्जागृत  करते भाषा के समकालीन भारतेंदु जी ही हैं।>

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी: PRIME MINISTER SHRI NARENDRA MODI

आज पूरा विश्व हिंदी भाषा की शक्ति और पहचान रहा है। भाषा अभिव्यक्ति का साधन होती है भाषा एक अभिव्यक्ति का माध्यम होती है हमारी भावनाओं को जब शब्द मिलता है तो हमारी भावनाएं चिरंजीव बन जाती है और इसलिए भाषा उस शब्द का आधार होती है आराधना करें उतनी कम है।

(विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं )

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