स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को क्यों मनाया जाता है?

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स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को क्यों मनाया जाता है? | Why Independence Day Is Celebrated On 15 AugustSarkariExamHelp की तरफ से सभी भारतीयों को Happy Independence Day स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त की ढेर सारि बधाइयाँ. आज हम आप सभी पाठको को इस लेख के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) 15 अगस्त क्यों और कैसे मनाते है, स्वतंत्रता दिवस का इतिहास (History of independence day), हमारा कर्त्तव्य, आजादी के बाद भारत की उपलब्धियों आदि की जानकारी विस्तार पूर्वक बताने जा रहे है.

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स्वतंत्रता दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व हैः Independence day is the national festival

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स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को क्यों मनाया जाता है? | Why Independence Day Is Celebrated On 15 August

यह वर्ष भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रुप में 74वां साल पूरे किए है. इसलिए भारत मे 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है. पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी की चपेट मे है (Covid – 19) ऐसे मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को “आत्मनिर्भर” भारत का नारा दिया. केंद्र सरकार ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस 2020 की थीम “आत्मनिर्भर भारत” है. वर्षो की पराधीनता के बाद 15 अगस्त 1947 के दिन भारत को 200 साल ब्रिटिश राज की गुलामी से आजादी मिली थी. आज के दिन हम विदेशी शासन से मुक्त हुए, इसी याद मे भारतवासी प्रतिवर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाते है. 

भारत छोड़ो आंदोलनः Quit India Movement 

सन् 1857 में भारतवासियो ने स्वतंत्रता की प्राप्ती के लिए संघर्ष करना प्रारंभ कर दिया था. इस संघर्ष को अंग्रजो ने दबाना शुरु किया. भारतीय नेता मोहनदास करम चंद गांधी (महात्मा गाँधी) ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अभियान के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिक दल को एक जन आंदोलन में बदल दिया. इन आंदोलनों को चलाने वाले नेताओं मे मुख्य हैं – लाला लाजपतराय, विपिन चन्द्रपाल, पं. जवाहर लाल नेहरु, सुभाषचन्द बोस आदि. अंत में महात्मा गांधी ने सन् 1942 में “अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन” चलाया. भारत की जनता को देखकर अंग्रेजो ने भारत छोड़ देने मे ही अपना भला समझा और यहां से चले गए.

स्वतंत्रता दिवस इस तरह मनाया जाता हैः Independence day is celebrated like this

14/15 अगस्त, सन् 1947 की रात को ठीक 12 बजे बजे शंख घड़ियालों की ध्वनी के मध्य भारत के वायसराय लार्ड माउण्टबेटन ने भारतवर्ष के स्वतंत्र होने की घोषणा की. उसी रात भारतीय जनता व्दारा चुने हुए प्रतिनिधियों को शासन सौंपा गया. पं.जवाहर लाल नेहरु भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने. 15 अगस्त की सुबह सारे देश में भारत माता की जय उद्घोष करती हुई प्रभात फेरियां निकली.

उसी दिन प्रातः 8 बजे दिल्ली के लाल किले पर पं. नेहरु ने तिरंगा झण्डा फहराया और राष्ट्र के नाम संदेश दिया. तीनों सेनाओं की टुकड़ियां राष्ट्रध्वज को सलामी देती हैं. सभी दलों के साथ जुलूस निकाला जाता है. सारे कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी व दूरदर्शन व्दारा किया जाता है.स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तरों व निजी भवनों पर तिरंगा फहराया जाता है. स्कूल- कॉलेजों में खेल-कूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं. मिठाइयां बांटी जाती है.

भारतवासी के कर्त्तव्यः Indian Duties

एक अन्य कारण भी है. स्वतंत्रता प्राप्ति के अवसर पर भारत के दो टुकडें कर दिए गये – भारत और पाकिस्तान. इस अवसर पर हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए. इस स्वतंत्रता के लिये खून-खराबा हुआ. इस कारण सभी भारतवासी को स्वतंत्रता के मूल को समझना चाहिए.

स्वतंत्रता बड़ी मुश्किलों से प्राप्त हुई है. स्वतंत्रता के लिए बहुत से संघर्ष व बलिदान करने पड़े है. प्रत्येक भारतवासी का कर्त्तव्य है कि वह अपने कर्त्तव्यों का पालन करे तथा देशहित के लिए प्रयत्न करे. भारतवासी को अपने देश के भविष्य को उज्जवल बनाने का संकल्प करना चाहिए तथा अवसर पड़ने पर भारत की एकता और अखण्डता के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने के लिये तैयार रहना चाहिये.


“शहीदों की कुर्बानी गुमनाम ना होने देंगे, अपनी आजादी की कभी शाम ना होने देंगे.लहु देकर जिसकी हिफाजत की है,ऐसे तिरंगे की मान को कम ना होने देगें” 

स्वतंत्रता (आजादी) के बाद भारत की प्रगती (उपलब्धियां) किन क्षेत्र मे हुईः In which area did India’s progress after independence

आर्थिक क्षेत्र में प्रगति (Progress in the economic field) – स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत ने प्रत्येक क्षेत्र में आत्म-निर्भर होने का प्रयास किया है और कई क्षेत्रों मे आत्मनिर्भर होने में सफलता भी प्राप्त की है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के नवयुवकों को रोजगार दिलाने मे सहायक सिध्द हुई हैं. आर्थिक विकास को तीव्र करने के लिये अनेक नये कारखाने स्थापित किये गये हैं और रोजगार कार्यक्रम लागू किये गये हैं. इस प्रकार आर्थिक क्षेत्र में भारत के कदम तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहे है.

वैज्ञानिक क्षेत्र मे प्रगती (Progress in scientific field) – भारत ने चिकित्सा विज्ञान, परमाणु ऊर्जा, रक्षा विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, आदि के क्षेत्र मे भी इन वर्षों में उल्लेखनीय प्रगती की है. अंतरिक्ष जगत मे संचार उपग्रहों के निर्माण में भारत ने अपने आपको श्रेष्ठ साबित किया है.

औधोगिक क्षेत्र में प्रगति (Industrial sector progress) -औधोगिक विकास के लिये विभिन्न कारखाने स्थापित किये अब तक भारत ने प्रौद्योगिकी विकास कर लिया है, न केवल हम अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति अपने देश मे ही कर लेते है बल्कि भारत ने मशीनों कथा कल-पुर्जों के निर्यात भी प्रारम्भ कर दिया है. प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कंमप्यूटर तथा संचार की दिशा में हो रहे विकास कार्यो ने तो उद्दोग जगत में क्रांति ला दी है.

परिवहन के क्षेत्र में प्रगति (Progress in transportation) – यातायात के आधुनिक साधनों द्वारा महीनों मे पूरी होने वाली यात्रा को कुछ घंटो मे ही तय कर सकते हैं. भारत में रेल परिवहन, सड़क परिवहन, जल परिवहन तथा वायु परिवहन का भी काफी विकास हुआ है.

रक्षा के क्षेत्र में प्रगति (progress in defense) – रक्षा के क्षेत्र मे भारत ने महत्वपूर्ण विकास कार्य किये हैं. आकाश – मार्ग से शत्रु के आक्रमण से बचाव के लिये रडार प्रणाली का विकास किया है. पृथ्वी, अग्नि, आकाश, जैसी मिसाइलों का सफल प्रक्षेपण रक्षा के क्षेत्र में भारत के विकास को स्पष्ट करता है.

चिकित्सा के क्षेत्र में प्रगति (Advances in medicine) – चिकित्सा के क्षेत्र में भी भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है. आज भारत में अनेक असाध्य रोगों का इलाज है. विभिन्न अंगों का सफल प्रत्यारोपण संभव है हृदय रोग आदि को भी नियन्त्रित किया है.


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