Union Public Service Commission: Is not Qualitative & Quantitative | सिविल सेवा परीक्षा : गुणात्मक और मात्रात्मक नही है

Union Public Service Commission | संघ लोक सेवा आयोग

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Union Public Service Commission: Is not Qualitative & Quantitative | सिविल सेवा परीक्षा : गुणात्मक और मात्रात्मक नही है -एक उम्मीदवार की योजना को स्मारक होने की आवश्यकता नही है लेकिन उसे अन्य उम्मीदवारों से अलग करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए. ऐसे प्रश्नों के स्पष्ट जवाब साक्षात्कार सत्र में सभी अन्य आवेदकों पर एक उम्मीदवार (Candidate) को बढ़त देंगे. तैयारी के साथ शुरू होने से पहले, उसे अपनी क्षमता (ability) साबित करनी चाहिए और खुद से पूछना चाहिए कि वह आईएएस (IAS) अधिकारी के रूप में क्या परिर्वतन ला सकता है.

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Union Public Service Commission: Is not Qualitative & Quantitative
Union Public Service Commission: Is not Qualitative & Quantitative | सिविल सेवा परीक्षा : गुणात्मक और मात्रात्मक नही है

सिविल सेवा परिक्षा उम्मीदवार अपने शौक (hobbies) छोड़ देते हैं, लेकिन अपने शौक का पीछा करते हुए आपकी तैयारी से अधिक मजेदार होगी. अनजाने में यूपीएससी (UPSC) तैयारी एक लंबी पक्रिया है. लेकिन जिस क्षण आप अपनी तैयारी का आनंद लेना शुरू करते है, तैयारी जुड़े सभी अनचाहे तनाव और चिंता गायब हो जाएगी.

Intensive Practice

सबसे सामन्य प्रश्नों के बारे में कोई निश्चित जवाब नही है, जैसे कि हर दिन आईएएस उम्मीदवार को कितने घंटे लगाना पड़ता है अभ्यास के लिए? यह हर व्यक्ति का अलग होगा. इसाए हम इसे एक सामान्य परिप्रेक्ष्य से देखें. यह एक महत्वपूर्ण (Important) तथ्य (Fact) नही  है कि आईएएस देश की सबसे कठिन प्रतिर्स्पधा परीक्षा है यह सिर्फ गहन अभ्यास और अच्छी तैयारी के लिए कहता है.

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Preparation of the Ideal Destiny

ज्यादातर प्रश्न कक्षा 6 से 12 मानक किताबों (Books) से अधिक पूछे जाते हैं. इसाए परीक्षा तैयार करने से पहले 10 से 12 घंटे पहले नोट तैयार करना, अभ्यास करना, लक्ष्य साधना चाहिए अपने आप को लक्ष्य में समर्पित होना माना जाता है. एक इच्छुक को यह भी समझना चाहिए कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी गुणात्मक और मात्रात्मक (Qualitative & Quantitative) तैयारी केिए नहीं है. यह आपके अल्पकालिक (Ephemeral) लक्ष्य को पूरा करने के बारे  में है.

आदर्श रूप से आपको हर दिन दो विषयों को लक्षित (target) करना चाहिए कई लोगों ने अपनी तैयारी अपने स्कूल के दिनों से परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है. परीक्षा या स्पर्धा (Test or Competition)  की तैयारी 10 से 12 महीने के लिए होनी चाहिए, प्रतिस्पर्धा इतनी तीव्र (intense) है कि उस विशाल संख्या का केवल 5 प्रतिशत ही होता है. एक उम्मीदवार को एक प्रभावी मानचित्र बनाना चाहिए और उसे लागु करने के लिए आवश्यक घंटो के आदर्श (ideal) संख्या तय करनी चाहिए.

Synthesis Method

इसमे कोई संदेह नहीं है कि पठ्यक्रम विशाल है, लेकिन यदि आप विषयों को प्रबंधनीय (Manageable) हिस्सों (parts) में विभाजित (Split) करते है तो असंभव दिखने वाले कार्य आपके लिए आसान हो जाएंगे. यदि आपने जीवविज्ञान का अध्ययन किया है, तो आप निश्चित रूप से ‘संश्लेषण’ विधि (Synthesis Method) शब्द से परिचित होगें. यह एक ऐसी  प्रक्रिया है जिसमें मूल घटक अपने उत्पादों (By Product) में विभाजित होते हैं. आप अपने आईएएस पाठ्यक्रम के साथ भी ऐसा ही करें. जिन विषयों पर आप अच्छे हैं और जिन विषयों की आपको आवश्यकता होगी उन्हें ढूंढें. सभी विषयों के लिए इसे करें और उन पर कार्य करें.

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