Ayodhya Ram Mandir History in Hindi -1528 से लेकर आज तक की महत्पूर्ण जानकारी

Ayodhya Ram Mandir History in Hindi – राम मंदिर पूजन के लिए पूरी अयोध्या सजी धजी है. जिस मंदिर को देखने के लिए भारत वर्ष में कई पीढ़ियां गुजर गई। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस राम जन्मभूमि में बनने वाले राम मंदिर की आधारशिला रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीएम योगी और राज्यपाल ने स्वागत किया, पूरे अयोध्या मे हर तरफ उल्लास नजर आ रहा है। रामभक्त सड़कों पर कीर्तन और जय श्रीराम के नारे लगा रहे हैं।

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भूमि पूजन – Bhumi Poojan Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir History in Hindi
Ayodhya Ram Mandir History in Hindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनहरे कुर्ते और पीली धोती धारण किये हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन शिलाओं की पूजा की। राम मंदिर भूमि पूजन में नौ ईटे नींव में रखी गई तथा इन्हे 1989 में दुनिया भर के भगवान राम के भक्तों ने भेजा था। जिनकी संख्या लगभग 2 लाख 75 हजार है और ‘100’ ईटें ‘ जय श्री राम ‘ उत्कीर्ण लिया गया है। विश्व हिंदू परिषद के लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठे थे.। भूमि पूजन और कार्यारंभ स्थल में बाबा रामदेव समेत देशभर के संत महात्मा बैठे है। इसके साथ ही पूजा सम्पन्न हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारीजात के पौधे को लगाया क्योंकि इस पौधे में कई गुण होते है।

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सन् 1528 से शुरुआत हुई और 2020 अंत तक की जानकारीः Started from 1528 and important information till 2020

1528 से इसकी शुरुआत हुई थी और साल 2019 में लंबी न्यायालयीन लड़ाई लड़ने के बाद इसका अंत भूमि पूजन के साथ सम्पन्न हुआ। भारत में राम जन्मभूमि का विवाद सदियों से चल रहा था, इतने वर्षो में आखिर कब क्या क्या घटना हुई इसकी जानकारी इस प्रकार है —

  • 1528 बाबर द्वारा मस्जिद बनवाए गए 1526 में भारत आने वाले बाबर का साम्राज्य 1528 के बाद से लेकर 1852 तक क्या हुआ इसकी पूर्णजानकारी नही है। परंतु बाबर ने श्री राम की नगरी अयोध्या में मस्जिद का निर्माण किया और उसे बाबरी मस्जिद कहा गया
  • 1853 अंग्रेजी हुकूमत का सिलसिला चला, मस्जिद के अंदर मुस्लिम इबादत करेंगे तथा बाहर के हिस्से में हिंदू प्रार्थना करेंगे।
  • 1885 बाबरी मस्जिद परिसर में राम मंदिर बनवाने की अनुमति मांगी। पहली बार यह मामला जिला अदालत में पहूंचा लेकिन अदालत ने उनकी इस अपील को ठुकरा दिया।
  • 1934 तब दंगे शुरु हुए दिवार और गुंबद क्षतिग्रस्त हो गए तब अंग्रेजों ने इसे ठीक करवाया था।
  • 1949 आजादी के बाद हिंदुओं ने इस दौरान मस्जिद में श्री राम की मूर्ति स्थापित की। इस पर मूस्लिमो की ओर से विरोध के स्वर निकले मुस्लिमों ने नमाज पढ़ना बंद कर दिया, सरकार ने कोई फैसला नही लिया। बल्कि इस स्थल पर ताला लगवा दिया।
  • 1950 में फैजाबाद अदालत में श्री राम की पूजा की अनुमति मांगी गई। मस्जिद को ढांचा कहकर संबोधित किया जाने लगा, परंतु पूजा की अनुमति को रद्द कर दिया गया।
  • 1959 में मुकदमा दायर किया गया, मुकदमा चलता रहा लेकिन कुछ परिणाम नही निकला।
  • 1984 राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन किया, नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इसकी बागडोर संभाली. विश्व हिंदू परिषद व्दारा श्री राम के जन्मस्थल को मुक्त करने और वहां राम मंदिर बनाने की पहल और भी तेजी से होने लगी।
  • 1986 बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का निर्माण हुआ जिला मजिस्ट्रेट व्दारा हिंदुओ को प्रार्थना करने हेतु विवादित भूमि पर लगे ताले को खोलने का आदेश दिया गया। फिर मुस्लिमों की ओर से विरोध के स्वर उठने लगे इसलिए बाबरी मस्जिद ‘संघर्ष समिति कमेटी’ का निर्माण हुआ।
  • 1989 मंदिर के दावे का मुकदमा किया गया, मस्जिद से कुछ दूरी पर ही श्री राम मंदिर का शिलान्यास हुआ। विश्व हिंदू परिषद को औपचारिक रुप से समर्थन किया गया था।
  • 1990 लालकृष्ण आडवाणी राम मंदिर के लिए पूर्णतः अपना मन बना चुके थे फिर क्या था। वे गुजरात के सोमनाथ से रथ यात्रा लेकर निकले जो कि अयोध्या में समाप्त होनी थी। लेकिन तभी तत्कालीन बिहार के सीएम लालूप्रसाद ने रथ यात्रा रोकते हुए आडवानी को अरेस्ट करा दिया।
  • 5 कारसेवकों की मृत्यु हो गई थी, 1990 में मस्जिद पर चढ़कर कारसेवकों ने झंडा फहराया था। लेकिन उत्तर प्रदेश के तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव ने पुलिस पर गोली चलाने का आदेश दिया था।
  • 1992 यहां से इस मामले ने एक नया मोड़ लेना शुरु किया हजारों की संख्या में कारसेवक अयोध्या में जमा हुए और बाहरी मस्जिद को ढहा दिया गया, हिंदुओं ने उस स्थान पर अस्थाई राम मंदिर बनाया इससे देशभर में दंगे देखने को मिले थे. 2000 तक लोगों की मृत्यु हुई।
  • लिब्रहान के नेतृत्व में मस्जिद को ढहाने के मामले की जांच की गई लिब्रहान आयोग बनाया गया।
  • 1994 प्रयागराज पहले का इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में इस मामले के केस की शुरुआत हुई।
  • 1997 मस्जिद ढहाए जाने पर करीब 49 लोगों को दोषी पाया गया।
  • 2001 एक ओर बाबरी विध्वंस की बरसी थी तो वही दूसरी ओर नई सदी में विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण शुरु करने की योजना बनाई जिससे तनाव और बढ़ गया।
  • 2002 विश्व हिंदू परिषद ने मंदिर निर्माण की शुरुआत की जिससे कई संख्या में हिंदू एकत्रित हुए हिंदू कार्यकर्ता जिस रेलगाड़ी में थे, गोधरा में हमला हुआ इसे गोधरा कांड से जानते है। 58 कार्य़कर्ताओं को अपनी जान गवानी पड़ी।
  • राम जन्मभूमि में विश्व हिंदू परिषद के करीब 800 कार्यकर्ताओं ने सरकारी अधिकारी को अखाड़े मे शिलाएं सौपी। क्योकि वे तय किये केंद्र सरकार और विश्व हिंदू परिषद के नेता सरकार को मंदिर परिसर के बाहर शिलाएं सौपेंगे।
  • 2003 अयोध्या में खुदाई शुरु की गई और य़ह बात सामने आई कि मस्जिद के नीचे मंदिर से जुड़े कुछ अवशेष प्रमाण देखने को मिले है।
  • 2004 आडवानी व्दारा अयोध्या में अस्थाई राम मंदिर में पूजा-अर्चना की गई मंदिर का निर्माण अवश्य होगा ऐसा आश्वासन दिया गया।
  • 2005 अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में अंतकियों ने हमला कर दिया. आडवानी को अदालत जाना पड़ा और पांच आतंकी मारे गए।
  • 2009 लिब्रहान आयोग का गठन हुआ था और बाबरी मस्जिद ढह जाने के कारण तब पीएम मनमोहन सिंह को इसकी रिपोर्ट सौंपी गई थी।
  • 2010 अदालत ने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटने की बात कही.एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड और तीसरा हिस्सा निर्मोही अखाड़े को दिया गया।
  • 2011 कुछ महिनो बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।
  • 2017 मार्च 21 इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट व्दारा आपसी सहमति से सदियों से जारी विवाद को सुलझाने के लिए कहा गया। रिजवी ने कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाना चाहिए, वहां से दूर हटके मस्जिद का निर्माण किया जाए।
  • 2018मस्जिद इस्लाम का अनिवार्य अंग नही ’ कोर्ट ने इस पर कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में पहले का निर्णय केवल भूमि आधिग्रहण के केस में ही लागू रहेगा। मामले की जल्द सुनवाई के स्वर उठने लगे।
  • 2019 सुप्रीम कोर्ट व्दारा इस मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा गया। जहां पैनल को 8 सप्ताह तक समय दिया और कार्यवाही खत्म करने का आदेश प्रदान किया गया. मध्यस्थता पैनल समाधान निकालने में सफल नही रहा। अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई की शुरुआत हुई और सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी थी।
  • लगभग 5 सदियों की यह लड़ाई आखिर 9 नवंबर 2019 के दिन समाप्त हुई. सुप्रीम कोर्ट के फैसले अनुसार भूमि को रामलला का हक माना और मस्जिद के लिए अयोध्या में ही अन्य स्थान पर 5 एकड़ जमीन देने के लिए आदेश हुआ
  • 2020 अगस्त 5 के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए अयोध्या पहुंचे। मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास किया एवं पूजा सम्पन्न हुई।

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